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naad yog( voice of silence)

हेलो फ्रेंड्स वेलकम इन माय ब्लॉग, जैसे कि मैंने अपने पिछले ब्लॉग में बाहरी naad yog के बारे में आपको जानकारी दी- कि हम कोई भी बाहरी म्यूजिक सुन कर अपने विचारों को शुन्य कर सकते हैं और जैसे ही विचार शून्य हो जाते हैं, वैसे ही हमारे ध्यान लगने की प्रक्रिया शुरू हो जाती हैं | 
ज मैं आपको बताऊंगी अंदरूनी naad yog, इस योग को करने के लिए, इस मैडिटेशन को करने के लिए, हमें किसी बाहरी म्यूजिक की आवश्यकता नहीं होती | हम में से बहुत लोग ऐसे हैं जिनको अंदर से ही एक म्यूजिक की आवाज सुनाई देती है, यह म्यूजिक अलग अलग तरह का सुनाई देता है, कईयों को झींगुर की आवाज सुनाई देती है, कईयों को घुंघरू की आवाज सुनाई देती है, कईयों को बांसुरी की आवाज सुनाई देती है, कईयों को ओम की ध्वनि सुनाई देती है, तो हम इस ध्वनि, इस naad की सहायता से अपना ध्यान लगा सकते हैं |
   आइए देखते हैं कि कैसे करते हैं नाद योग - 
1.इसके लिए सबसे पहले आप किसी एकांत अवस्था में बैठ जाइए आप कोई भी आसन में बैठ सकते हैं सुखासन में बैठ सकते हैं |

2.अब अपनी आंखें बंद कर लीजिए और सुनने की कोशिश कीजिए कि क्या आपके अंदर से किसी भी तरह की कोई आवाज आ रही है,  बस उस आवाज को सुनते जाइये, जैसे ही आप एक आवाज को सुनेंगे, एक के बाद दूसरी, दूसरी के बाद तीसरी, इस तरह की अनेक ध्वनि आपको सुनाई देंगी |
       
      जिससे हमारी ध्यान की प्रोसेस शुरू हो जायगी |और ध्यान को , मैडिटेशन को अगर हम अपनी लाइफ का एक हिस्सा बना लेते है तो हम लौकिक और अलौकिक दोनों तरह के सुखो की प्राप्ति कर सकते है | यह ना दिया तो आप इसकी प्रैक्टिस कीजिए आपका ध्यान जरूर लगेगा नमस्कार |



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