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बाबा नंद सिंह जी की काल के साथ वार्तालाप

बाबा नंद सिंह जी की काल के साथ वार्तालाप :-


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बाबा नंद सिंह जी का नितनेम था, वह सुबह 12:15 बजे उठकर जप-तप करते थे |आप भी अमृत वेले में उठकर प्रभु के चरणों में विनती करते और दुनिया को भी अमृत वेले में उठकर प्रभु  को याद करने के लिए, बाणी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया करते थे |

एक समय की बात है, बाबा नंद सिंह जी नानकसर में तप कर रहे थे और साथ में सेवक से सुखमणि साहिब जी का पाठ सुन रहे थे | उस समय भयानक जंगल हुआ करते थे |

तो क्या हुआ कि एक बड़ी भयानक शक्ल वाला जीव, बाबा नंद सिंह जी के सामने आ खड़ा हुआ |

बाबा नंद सिंह जी ने जब नेत्र खोले तो उन्होंने पूछा कि तुम कौन हो ?


वह भयानक शक्ल वाले जीव कहने लगा: मैं कलयुग का राजा काल जिसका सारे सृष्टि पर राज चलता है |

तो बाबा जी ने कहा फिर हम क्या करें, मैंने तो आपको नहीं बुलाया यहां, मेरे पास तुम क्या करने आए हो, हम तो यहां बैठ कर अपने गुरु, गुरु नानक देव जी को याद कर रहे हैं, भजन बंदगी कर रहे हैं |

तो कलयुग ने कहा मैं उन सब लोगों से दुखी हूं, जो नाम जपते हैं और लोगों को भी अमृत वेले में जप कराते है, कलयुग में मेरा राज है, मेरे राज में काम क्रोध लोभ अहंकार की लहरें चलनी चाहिए, मांस शराब के दौर चलने चाहिए, पर आपके नाम की आवाज से मेरा जोर नहीं चल रहा है,मुझे यह सबसे बड़ा दुख है, क्या आप यह रास्ता छोड़ नहीं सकते |इसके बदले जो चाहो गे वो मिलेगा |

बाबा जी ने कहा तेरे जैसे  हजारों काल भी आ जाए, तो भी मैं अमृतवेला नहीं छोड़ सकता | 

जब काल ने ये बाते बातें सुनी तो वह आग बबूला हो गया, उसकी आंखें लाल हो गई, तब उसने कहा कि मैं तेरा बहुत कुछ बिगाड़ सकता हूं, पर तुम्हारे पास यह जो परमात्मा की वाणी चल रही है, उस कारण मेरा जोर नहीं चल रहा |

बाबा जी मुस्कुराए और कहने लगे, तूने अपनी कमजोरी अपने आप ही बयान कर दी | अब हम 24 घंटे परमात्मा की वाणी से जुड़े रहेंगे, सुखमणि साहिब से जुड़े रहेंगे, तब से लेकर अब तक नानकसर में सुखमणि साहिब के पाठ निरंतर चलते रहते हैं |

इस प्रकार इस साखी से हमे भी प्रेरणा लेनी चाहिए, अगर हम भी निरंतर परमात्मा की वाणी से जुड़े रहेंगे, उसकी याद में लगे रहेंगे, तो कलयुग हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकता |

धन्य है बाबा नन्द सिंह जी |

धन धन श्री गुरु नानक देव जी महाराज
धन धन श्री गुरु नानक देव जी महाराज

सतनाम श्री वाहेगुरु,सतनाम श्री वाहेगुरु,सतनाम श्री वाहेगुरु,
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