advertisement

पिछले जन्म का राज

पिछले जन्म का राज



हमारे पुराने जन्मों की यादें अनाहत चक्र चक्र से जुड़ी होती हैं, हम कह सकते हैं कि यह हमारे पुराने जन्म का सिनेमाघर है, यह हमारे संकल्पों को ताकत देता है, और हमारे अनाहत चक्र का संबंध हमारे अवचेतन मन से है, यह हमारे चेतन मन से 10 गुना ज्यादा पावरफुल है|

आमतौर पर हमारी चेतना विशुद्धि चक्र में रहते हैं, जो गर्दन में है,  हमारा यह पांचवां विशुद्ध चक्र माइंड को, मन को कंट्रोल करता है | आमतौर पर हमारा मन, विशुद्धि चक्र से जुड़ा रहता है, लेकिन जो हमारा चौथा चक्र है, अनाहत चक्र, यह हमारे सबकॉन्शियस माइंड का चक्र है |

अवचेतन मन का रिश्ता हमारे अनाहत चक्र से होता ,है हमारे दिलवाले स्थान पर होता है तभी तो कहा जाता है कि अगर हम किसी को दिल से याद करते हैं या कोई दुआ दिल से मांगते हैं तो वह जरूर कबूल होती है क्योंकि दिल से करने का मतलब है अनाहत चक्र से करना, अवचेतन मन से करना |

अगर हम अपने चेतन मन से संकल्प लेते हैं हमें डॉक्टर बनना है, हमें इंजीनियर बनना है, मुझे पैसा पाना है, तो हम चेतन मन के संकल्प से कामयाब नहीं होते हैं, परंतु अगर यही संकल्प हम अपने अवचेतन मन से लेते हैं तो शत-प्रतिशत हमें कामयाबी मिलेगी, क्योंकि हमारा अवचेतन मन चेतन मन से कई  गुना अधिक पावरफुल है |अगर हम अवचेतन मन में जाकर कोई संकल्प लेते हैं, तो वह संकल्प अवश्य ही पुरा होता है |

हमारे शरीर में सात चक्र हैं उन सात चक्रों के बारे में जानकारी नीचे दिए गए लिंक में दी गई है |



7 चक्र को कैसे जागृत करे , मन्त्र




अवचेतन मन को जागृत करने का एक और भी तरीका है कि किसी भारी किसी बात को बार बार सोचना, जब हम किसी बात को बार बार सोचते हैं, तो वह बात हमारे अवचेतन मन में चली जाती हैं, तो अवचेतन मन का साथ तो प्रकृति भी देती है, जैसे कि मान लो किसी को डॉक्टर बनना है, अगर वह बार बार सोचता है, संकल्प लगता है, मुझे डॉक्टर बनना, मुझे डॉक्टर बनना है, मेरे गले में स्कोप है, मैं पेशेंट को देख रहा हूं, तो अवचेतन मन के साथ प्रकृति भी हमारे संकल्पों से जुड़ जाती हैं, बशर्ते कि वह हमारा संकल्प किसी का बुरा करने वाला नहीं होना चाहिए, अगर हमारा संकल्प भला होगा तो वह प्रकृति भी हमारे संकल्प को पूरा करने में हमारा साथ देगी |




इस तरह हम मेडिटेशन, मंत्र उच्चारण, सेल्फ हिप्नोटिज्म से अपने अवचेतन मन को जागृत कर सकते हैं | 


और अगर हमारा अवचेतन मन जागृत हो गया तो हम किसी भी राज की जानकारी प्राप्त क्र सकते है चाहे वो पिछले जनम का राज हो या हमारे भविष्य की कोई घटना हो ।

अवचेतन मन के जागृत होने से हमे औटोमाटिकली  ही आने वाली बातो  का आभास अपने आप ही हो जायेगा । 


नेक और शुभ कामनाओ के साथ 

धन्यवाद् ।

Post a Comment

0 Comments